
17 अगस्त 2025 को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विपक्षी दलों RJD और INDIA गठबंधन द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
1. वोट देने का हक, लेकिन दो जगह नहीं!
ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा कि 18 वर्ष से ऊपर के हर नागरिक को वोट देने का हक है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज है, तो वह सिर्फ एक ही जगह वोट दे सकता है। दोनों जगह वोट देना गैरकानूनी अपराध है।
2. “ECI सभी दलों के लिए समान”
उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा,
“भारत का हर राजनीतिक दल चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड होता है, ऐसे में भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं। हम सभी दलों को बराबर मानते हैं।”
3. वोटर सत्यापन की पारदर्शी प्रक्रिया
ECI ने बताया कि Voter Verification के लिए BLO, वोटर्स और राजनीतिक दलों के जिला प्रतिनिधियों को एक साथ शामिल किया गया।
प्रमाणपत्र और वीडियो प्रशंसा पत्र भी दिए जा रहे हैं।
4. “राज्य नेताओं तक जानकारी क्यों नहीं पहुंच रही?”
चुनाव आयुक्त ने पूछा कि अगर जिला स्तर पर दस्तावेज दिखाए जा रहे हैं, तो राज्य या राष्ट्रीय स्तर के नेता भ्रम क्यों फैला रहे हैं? उन्होंने इसे जानबूझकर फैलाया गया प्रोपेगेंडा बताया।
5. “बिहार SIR की मेहनत को नजरअंदाज मत करें”
बिहार के 7 करोड़ वोटर्स को शामिल कर ECI ने SIR को सफल बनाया है।
“जो आयोग मतदाता के साथ खड़ा है, उस पर सवाल क्यों?” — ज्ञानेश कुमार
6. SIR हर साल होता है, अब क्यों विरोध?
SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। ECI ने बताया कि 20 वर्षों से यह चलता आ रहा है। अब इसे मुद्दा बनाना सिर्फ राजनीतिक नौटंकी है।

7. वोटर लिस्ट की शुद्धता जरूरी है
गांव से शहर शिफ्ट होने वाले लोगों के डुप्लिकेट वोट हटाने के लिए SIR जरूरी था। Form भरने के बाद ही सही वोटर लिस्ट बनती है।
8. घर-घर जाकर हुआ फॉर्म भरना
30 दिनों में 7 करोड़ से ज्यादा लोगों से संपर्क कर वोटर लिस्ट अपडेट की गई। मृत वोटर्स, बदले पते, गलत फोटो और नाम — सब सुधारे गए।
9. सिर्फ भारतीय नागरिक को वोट देने का अधिकार
विदेशी नागरिक या अवैध वोटर को नहीं मिलेगा वोटर ID। 30 सितंबर तक पात्रता की जांच होगी। बंगाल या अन्य राज्यों पर भी समय आने पर बात की जाएगी।
10. शिकायत कैसे करें? कानून क्या कहता है?
जो लोग शिकायत करना चाहते हैं, वो
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Form 6,7,8 भर सकते हैं
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अगर निर्वाचक नहीं हैं, तो Rule 20(3)(B) के तहत साक्ष्य के तौर पर शिकायत कर सकते हैं।
ECI ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ कर दिया कि वोटर लिस्ट सुधार प्रक्रिया पारदर्शी और नियमबद्ध है। वोट चोरी जैसे आरोपों को राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया गया।
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